BREAKING NEWS:

लडभड़ोल बस स्टैंड में वाटर कूलर और पानी की टंकी की हुई सफाई, फिल्टर लगाने की उठी मांग

Image
आज लडभड़ोल बस स्टैंड में लंबे समय बाद वाटर कूलर और पानी की टंकी की अच्छी तरह सफाई की गई। कई दिनों से सफाई न होने के कारण टंकी और वाटर कूलर में काफी मिट्टी और गंदगी जमा हो गई थी, जिससे यात्रियों को स्वच्छ पेयजल मिलने में परेशानी हो रही थी। सफाई अभियान में शिवांग सोनी, अक्षय कुमार, राकेश कुमार, जसवंत (फौजी भाई) और आशीष कुमार ने मिलकर सराहनीय योगदान दिया। स्थानीय लोगों ने इन युवाओं की इस सामाजिक पहल की जमकर प्रशंसा की और इसे जनहित का कार्य बताया। साथ ही स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के विधायक से आग्रह किया है कि बस स्टैंड पर लगे वाटर कूलर में जल्द से जल्द वॉटर फिल्टर लगाया जाए, ताकि यात्रियों और आम जनता को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते हैं, इसलिए स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल द्वारा नियमित ध्यान व योग की ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन

                         वीडियो सुने


राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल द्वारा प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से लगभग 6:30 बजे तक नियमित ध्यान व योग की ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।  महाविद्यालय के प्रो. संजीव कुमार द्वारा विद्यार्थियों के बेहतर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक लंबे अरसे से योग व ध्यान की ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। दो वर्ष पूर्व साल 2020 में महाविद्यालय स्तर पर योग व ध्यान क्लब का गठन किया गया था। इस दौरान शोध से ज्ञात हुआ है कि दो वर्षों में योग व ध्यान की कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में कई सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। प्रो. संजीव के अनुसार ध्यान व योग हमारी शारीरिक व मानसिक क्षमताओं में वृद्धि करता है। इसके माध्यम से वर्तमान में जीने की कला सीखते हुए विद्यार्थी अपने विभिन्न क्रियाकलापों में अपनी उत्पादकता व क्षमता में अपार वृद्धि कर सकते हैं। इसके अंतर्गत महाविद्यालय के अनेक विद्यार्थी तथा स्टाफ के सदस्य सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इस संदर्भ में महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. मुनीष ठाकुर ने इस असाधारण प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए ये एक बेहतरीन अवसर है, जिससे वे योग व ध्यान की इस कला को सीख कर जीवन भर इससे लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे तो करोना काल के अनेक नकारात्मक पक्ष रहे हैं, परंतु सीखने व अध्यापन के क्षेत्र में ऑनलाइन तकनीक का प्रचलन सदैव विद्यार्थियों के हित में एक बेहतर विकल्प के तौर पर अपनाया जा सकेगा। इस मौके पर उन्होंने प्रो. संजीव कुमार के इस प्रयास के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए सभी विद्यार्थियों, स्टाफ सदस्यों व स्थानीय लोगों से इस अभियान को सफल बनाने तथा इससे लाभान्वित होने के लिए उनकी भागीदारी के लिए आह्वान किया। ऑनलाइन कक्षा में जुड़ने के लिए लिंक: https://meet.google.com/zxh-myth-ifr समय प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे।

Comments