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लडभड़ोल:- आंगनबाड़ी केंद्र जमथला में 'समर मेला कमाल की तैयारी' का शानदार आयोजन, बच्चों और माताओं में दिखा भारी उत्साह

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लडभड़ोल( मिंटू शर्मा) (मंडी): आंगनबाड़ी केंद्र जमथला में आज 'समर मेला कमाल की तैयारी' कैंप का बेहद सफल और उत्साहजनक आयोजन किया गया। इस विशेष मेले में पंचायत लडभड़ोल की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कैंप का मुख्य उद्देश्य खेल-खेल में बच्चों के मानसिक व शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देना था। ​7 आकर्षक स्टालों के जरिए दी गई शिक्षा ​इस कैंप में 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों और उनकी माताओं ने विशेष रूप से शिरकत की। मेले को बेहद आकर्षक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए 7 अलग-अलग स्टाल लगाए गए थे। इन स्टालों के माध्यम से बच्चों को रटने के बजाय खेल-खेल में और मनोरंजक गतिविधियों के जरिए शिक्षा प्रदान की गई। ​खास बात: खेल और पढ़ाई के इस अनोखे संगम को देखकर बच्चे और उनकी माताएं बेहद उत्साहित नजर आईं। माताओं ने भी गतिविधियों में हिस्सा लेकर बच्चों का हौसला बढ़ाया। ​इन कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा ​इस पूरे भव्य कार्यक्रम और कैंप की व्यवस्था को सफल बनाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। कार्यकर्ता अर्चना देवी, रीना देवी, पूनम देवी और शमा शर्मा ने पूरे कार्यभार को बेहद...

लडभड़ोल सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से 'बीमार' हुई स्वास्थ्य सेवाएं,रात के समय राम भरोसे मरीज


लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) तहसील क्षेत्र लडभड़ोल का एकमात्र सिविल अस्पताल इन दिनों खुद अपनी बदहाल व्यवस्था पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, जिसका सबसे बुरा असर रात्रि सेवाओ पर पड़ रहा है। क्षेत्र की 20 पंचायतों की करीब 25 हजार की आबादी के लिए बना यह अस्पताल सुविधाओं को अभाव में केवल एक 'रेफरल यूनिट' बनकर रह गया है। अस्पताल की लचर कार्यप्रणाली उस वक्त उजागर हुई जब शुक्रवार रात 10:30 बजे जिला कांगड़ा के डंडोल निवासी एवं चौबीन वार्ड से जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र राणा अपनी 75 वर्षीय बीमार माता शिवजु देवी को लेकर अस्पताल पहुंचे। उनकी माता को पेट में गंभीर शिकायत थी। लेकिन अस्पताल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था,वहां सिर्फ नर्सिंग स्टाफ तैनात थे। जब उन्होंने डॉक्टर के बारे में पूछा तो स्टाफ ने 'ऑन कॉल' होने की बात कही। जिप सदस्य सुरेंद्र राणा ने अस्पताल की व्यवस्था पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 3 डॉक्टर तैनात होने के बावजूद लोगों को रात्रि सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, "बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावे खोखले हैं। नागरिक अस्पताल का दर्जा प्राप्त और 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में डॉक्टर का न होना जनता के साथ भद्दा मजाक है। सीएमओ मंडी डॉ दीपाली शर्मा ने कहा कि सिविल अस्पताल लडभड़ोल में तीन डॉक्टर मौजूद हैं। रात्रि सेवाओं में डॉक्टर को लेकर संबंधित डॉक्टर से बात की जाएगी।


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