BREAKING NEWS:

जोगिन्दरनगर में प्राकृतिक आपदा की घटना में महिला की मृत्यु !

Image
दिनांक 24 जुलाई, 2026 को जोगिन्दरनगर क्षेत्र में एक दुःखद प्राकृतिक घटना में सामेश्वरी शर्मा (49 वर्ष), निवासी सुल्तानपुर, जिला कुल्लू की मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह अपने परिवार के साथ माता सिमसा देवी मंदिर जा रही थीं। बाहमणू नाला के समीप वाहन रोकने के बाद वह पानी लेने के लिए नीचे गईं, तभी पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल जोगिन्दरनगर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जोगिन्दरनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण कर पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह घटना प्राकृतिक आपदा के कारण होना पाई गई है तथा मामले में धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

दो विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ेगा ब्यास नदी पर बन रहा सांडा पत्तन पुल, आवागमन होगा सुगम 23 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हो रहा है पुल, नवम्बर 2021 तक पूरा होगा काम


 दो विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ेगा ब्यास नदी पर बन रहा सांडा पत्तन पुल, आवागमन होगा सुगम

23 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हो रहा है पुल, नवम्बर 2021 तक पूरा होगा काम

जोगिन्दर नगर, 17 सितम्बर-मंडी जिला के जोगिन्दर नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सांडा पत्तन (लडभड़ोल) तथा संधोल क्षेत्र के तहत स्योह के समीप निर्माणाधीन ब्यास नदी के ऊपर सांडा पत्तन पुल का कार्य पूर्ण होने से न केवल जोगिन्दर नगर व धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा सुनिश्चित होगी बल्कि दोनों विधानसभा क्षेत्रों के कई गांव के बीच दूरी का फासला भी कम हो जाएगा। ब्यास नदी पर लगभग 23 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हो रहे इस महत्वपूर्ण पुल का 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है तथा नवम्बर, 2021 तक यह पुल वाहनों के आवागमन के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
ब्यास नदी पर सांडा पत्तन (लडभड़ोल) में निर्मित किये जा रहे इस पुल के पूरी तरह बनकर तैयार हो जाने से जोगिन्दर नगर विधानसभा के लडभड़ोल क्षेत्र के लोगों को चंडीगढ़, दिल्ली, लुधियाणा, जालंधर सहित सुजानपुर, हमीरपुर, संधोल, धर्मपुर व प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के बीच आने जाने का फासला कम हो जाएगा। इससे न केवल यहां के लोगों के धन की बचत होगी बल्कि आवागमन में समय भी कम लगेगा।  वर्तमान समय में इस क्षेत्र के लोगों को संधोल व आसपास के क्षेत्रों के आवागमन के लिए सांडा पत्तन में नाव का ही एकमात्र सहारा है। बरसात के मौसम के दौरान ब्यास नदी में जल स्तर बढऩे से नाव का संपर्क भी टूट जाता है। ऐसे में ब्यास नदी के दोनों ओर के हजारों लोगों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ता है। सबसे अहम बात तो यह है कि बड़े शहरों के बीच लगभग तीन से चार घंटे का सफर भी कम होने वाला है। वर्तमान में संधोल व धर्मपुर के बीच वाहन के माध्यम से लोगों को एक लंबा सफर तय करना पड़ता जो इस पुल के शुरू हो जाने से महज कुछ ही मिनटों का रह जाएगा।

मां सिमसा के दर्शनों को अब श्रद्धालुओं का सफर भी होगा कम, सांडा पत्तन नाव हादसे में एक दर्जन लोगों ने गंवाई थी जान

लडभड़ोल क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थान मां सिमसा के दर्शनों के लिए प्रतिवर्ष हिमाचल प्रदेश व दूसरे राज्यों के हजारों श्रद्धालु मां के दर्शनार्थ एवं संतान प्राप्ति की चाहत में मां सिमसा के दरबार में पहुंचते हैं। जिनके लिए भी सांडा पत्तन पुल न केवल दूरी को कम करेगा बल्कि धन व समय की भी भारी बचत होगी। वर्तमान में श्रद्धालुओं को वाया बैजनाथ या सरकाघाट होते हुए एक लंबा सफर तय करना पड़ता है लेकिन इस पुल के शुरू हो जाने से यह सफर काफी कम रह जाएगा।
बता दें कि  लगभग तीन दशक पूर्व सांडा पत्तन में ही एक दु:खद नाव हादसे के चलते संधोल क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों की ब्यास नदी में डूबकर मौत हो गई थी। ये सभी मां सिमसा के दर्शनार्थ जा रहे श्रद्धालु ही थे। लेकिन अब इस पुल के निर्मित हो जाने से श्रद्धालुओं को भी काफी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त लडभड़ोल व धर्मपुर क्षेत्रों के मध्य लोगों की काफी रिश्तेदारी भी है। ऐसे में दोनों ओर के लोगों को विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यों में भाग लेने में भी सुविधा होगी तथा आवागमन सुगम होगा।

क्या कहते हैं अधिकारी:

इस बात की पुष्टि करते हुए अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग जोगिन्दर नगर संजीव सूद ने बताया कि ब्यास नदी पर सांडा पत्तन में निर्मित हो रहे 180 मीटर लंबे (प्री-स्टे्रस्ड कैंटीलीवर ब्रिज) पुल का वर्तमान में 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है तथा नवम्बर, 2021 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने बताया कि इस डबल लेन पुल के दोनों ओर पैदल यात्रियों के लिए डेढ मीटर फुटपाथ भी निर्मित हो रहा है। इस पुल के निर्माण कार्य पर लगभग 23 करोड़ रूपये की धनराशि व्यय हो रही है।






Comments