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देशराज ( बाबा) एसएमसी प्रधान बने!

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लडभड़ोल (मिन्टु शर्मा): राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल) पंजालग में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के चुनावों का सफल आयोजन किया गया। इस चुनाव में देशराज (बाबा) को सर्वसम्मति से समिति का नया प्रधान चुना गया है। उनके चयन पर पूरे स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। ​इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने नवनियुक्त प्रधान देशराज बाबा को बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर स्कूल प्रबंधन और स्टाफ के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: ​विजय कुमार (प्रवक्ता/लेक्चरर) ​शमशेर सिंह (प्रवक्ता/लेक्चरर) ​संजय राणा (डीपीई - शारीरिक शिक्षा शिक्षक) ​नोट: सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह दर्शाता है कि स्कूल के विकास और बच्चों के भविष्य को लेकर पूरे क्षेत्र और स्कूल प्रशासन में आपसी तालमेल और एकजुटता है।

एसएमसी अध्यापकों के लिए खुशखबरी! जारी रहेंगी सेवाएं, पांच से छह माह का रुका हुआ वेतन भी होगा जारी!


 राज्य के 2613 एसएमसी शिक्षकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में 2020-2021 के लिए एसएमसी शिक्षकों की एक्सटेंशन को सरकार ने बढ़ा दिया है। अब एसएमसी शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ा सकेंगे। इसके साथ ही इस साल एसमएसी शिक्षकों के रुके वेतन को भी सरकार जारी करेगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मिडिया से रू-ब-रू शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट से एसएमसी शिक्षकों को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं आ जाता है, तब तक स्कूलों में 2613 शिक्षक छात्रों को पढ़ाएंगे। राज्य सरकार इन शिक्षकों की सेवाएं लेती रहेगी। उन्होंने कहा कि एसएमसी शिक्षकों को लेकर आगामी फैसला सुप्रीम कोर्ट का क्या होता है, यह देखना अहम होगा।


 बता दें कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलोंं में 2613 एसएमसी शिक्षक  कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। यह शिक्षक वर्ष 2002 में एक पालिसी के तहत लगे थे। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय ने एसएमसी शिक्षकों की भर्तियों को रद कर दिया था, जिसके बाद शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। शिक्षकों ने हाई कोर्ट से भर्तियों को रद करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जहां सुप्रीम कोर्ट ने आठ अक्तूबर को हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी। प्रदेश में 130 के करीब स्कूल ऐसे हैं, जो एसएमसी शिक्षकों के सहारे ही चल रहे हैं। वर्ष 2012 से ये शिक्षक स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


23 को सुनवाई


एसएमसी शिक्षकों की भर्ती पर अब सुप्रीम कोर्ट में 23 नवंबर को अगली सुनवाई होगी। प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अस्थायी तौर पर इनकी तैनाती की है।

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