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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़पट में हुआ नई एसएमसी कमेटी का गठन! श्रीमती रेनू बनी प्रधान!

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लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़पट में नई एसएमसी कमेटी का गठन किया गया जिसमें अभिभावकों और समस्त विद्यालय स्टाफ ने भाग लिया। श्रीमती रेनू को सर्वसम्मति से नई एसएमसी कमेटी का प्रधान चुना गया।इसके अतिरिक्त श्रीमती शिल्पादेवी, श्रीमती लता देवी, श्रीमती सीमा देवी, श्रीमती तारादेवी , श्रीमती ममता को नई कमेटी का मेंबर चुना गया।प्रधानाचार्य श्री राजेश चंद कटोच जी ने नव निर्वाचित एसएमसी कमेटी की प्रधान श्रीमती रेनू देवी को बधाई दी और साथ ही पूर्व एसएमसी कमेटी प्रधान श्रीमती बबली देवी को पिछले 3 वर्षों के दौरान अपना भरपूर सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। 

लड भडोल क्षेत्र मे धू-धू कर जल रहे हैं जंगल

लड भडोल क्षेत्र में  धू  धू कर जल रहे हैं जंगल। पती धरती करे पुकार बंद करो यह अत्याचार!   धू-धू कर जल रहे जंगल।                        आजकल देखने में आ रहा है कि कुछ लोग अपनी जमीन को साफ करने के लिए तो कुछ शरारती तत्व जंगलों में आग लगा रहे हैं जिससे एक तो पहले ही गर्मी ज्यादा है और इन को जलाने के बाद गर्मी और ज्यादा बढ़ रही है साथ में प्रदूषण भी बढ़ रहा है आजकल बहुत सारे जीव जंतु प्रजनन करते हैं अंडे देते हैं लेकिन आग लगने के कारण उनके अंदर बच्चे नष्ट हो जाते हैं तो एक मानव  होने के नाते हमारा यह काम करना बहुत ही गलत काम है और जंगल में आग लगाने वाले लोगों को शर्म होनी चाहिए और वैसे भी यह एक और गैरकानूनी काम है।               
     
पिछले कल देखने में आया कि सयुन के जंगलों में भी आग लगी हुई थी जाहिर सी बात है यह किसी शरारती तत्व का ही काम है लेकिन इससे जब जंगलों में आग भड़कती है तो बहुत सारे जीव जंतु और पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचता है तो लोगों को अब सोचना चाहिए आज के जमाने में सभी पढ़े लिखे हैं तो इन पढ़े लिखो को अकल होनी पढ़े लिखे गवार को अकल होनी चाहिए पुराने करते थे।     
                                             पुरानी बुजुर्ग भी जंगलों को नष्ट नहीं होने देते थे वह पहले अगर एक पेड़ काटते थे तो उसके बदले में पहले 10 पेड़ लगाते थे और पेड़ों को काटना पाप समझा जाता था लेकिन आजकल जैसे पेड़ों को काटना पेड़ों को जलाना एक फैशन बन गया है  लेकिन आदमी जो है आपने हद को पार कर चुका है जिसके परिणाम हमें देखने को मिल रहा है वह दिन दूर नहीं जब आदमी साफ  हवा के लिए तरस जाएगा इसलिए सब से गुजारिश है कि मानव होने का परिचय दें  और जंगलों को ना जलाएं

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