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बैजनाथ ब्लॉक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनने पर श्रीमती रिचा शर्मा जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

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लडभड़ोल (मिन्टु शर्मा) हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू जी, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती त्रिप्ता ठाकुर जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार जी, माननीय विधायक श्री किशोरी लाल जी, राज्यसभा सांसद श्री अनुराग शर्मा जी एवं श्री रविंद्र बिट्टू जी का मैं हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करती हूँ। मुझे बैजनाथ ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान करने के लिए आप सभी का हार्दिक धन्यवाद। मैं विश्वास दिलाती हूँ कि पार्टी द्वारा दी गई इस जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए महिला कांग्रेस को मजबूत करने, महिलाओं को संगठन से जोड़ने और जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूँगी। आप सभी के विश्वास और मार्गदर्शन के लिए पुनः हृदय से आभार। 🙏🌹 — रिचा शर्मा अध्यक्ष, ब्लॉक महिला कांग्रेस बैजनाथ

स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं, हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी शुरू नहीं हुई ऑनलाइन प्रक्रिया।


 प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगी है। एलिमेंटरी से लेकर हायर एजुकेशन में 70 फीसदी स्कूल ही ऐसे हैं, जहां बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत जनजातीय एरिया के स्कूलों में है, जहां या तो बिजली की दिक्कत है या फिर अधिकतर मशीनें खराब पड़ी हैं। हालांकि इन स्कूलों में हर हाल में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की बात कही गई है। इसमें 963 हाई स्कूलों में से 909 स्कूलों में ही बायोमीट्रिक है, वहीं सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रदेश में 1999 हैं और इनमें से भी 1762 स्कूलों में ही बायोमीट्रिक लगी है। इसके साथ ही 276 कालेजों में से 166 कालेजों में ही बायोमीट्रिक मशीनें लगी हैं। शिमला शहर में भी 409 स्कूलों में 20 फीसदी स्कूल अभी बिना बायोमीट्रिक मशीनों के हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस मकसद को पूरा करने के लिए ये आदेश जारी हुए हैं, वह कब पूरा होगा।गौर रहे कि हाई कोर्ट के आदेशों के बाद सरकारी स्कूलों में शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा निदेशालय सख्त हो गया है। विभाग ने शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की है। इसका पूरा रिकार्ड भी ऑनलाइन रखा जाएगा। इसके लिए स्कूलों को ई-संवाद ऐप के माध्यम से उपस्थिति लगाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, स्कूलों में उपस्थिति रजिस्टर में भी लगेगी, लेकिन ई-संवाद ऐप पर भी इसका पूरा रिकार्ड होगा। यदि किसी की ई-संवाद ऐप पर उपस्थिति नहीं लगी, तो रजिस्टर में भी अनुपस्थिति ही लगाई जाएगी। उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डा. अमरजीत शर्मा की तरफ से ये निर्देश जारी किए गए थे। शिक्षा विभाग ने दो साल पहले ई-संवाद ऐप कार्यक्रम शुरू किया था। पहले कुछ स्कूलों में यह शुरू किया था, इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया।

अभिभावकों को भेजा जाएगा संदेश

उपस्थिति के साथ इस ऐप का यह भी लाभ है कि डाटा जमा करने के बाद विद्यार्थियों की प्रगति के बारे में मोबाइल फोन पर संदेश अभिभावकों को भेजा जाएगा।

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