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विद्युत उपमंडल चढ़ियार में उपभोक्ताओं को बिजली के बिल ई-मेल एवं संदेश (एसएमएस) के माध्यम से होगें प्राप्त*

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लडभड़ोल (मिन्टु शर्मा) जिला कांगड़ा जयसिंहपुर / बैजनाथ, 30 जनवरी। विद्युत उपमंडल चढ़ियार के अंतर्गत आने वाले समस्त विद्युत उपभोक्ताओं को अब उनके बिजली के बिल ई-मेल एवं संदेश (एसएमएस) के माध्यम से प्रेषित किए जाएंगे। इसके तहत उपभोक्ताओं को बिजली बिल की हार्ड कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी। सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल चढ़ियार ओम प्रकाश राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि स्मार्ट मीटर के माध्यम से जारी किसी भी बिल में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसका आवश्यक सुधार विद्युत उपमंडल चढ़ियार के कार्यालय में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिल से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता सीधे उपमंडल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने ई-मेल एवं मोबाइल नंबर को अद्यतन रखें, ताकि समय पर बिल एवं संबंधित सूचनाएं प्राप्त हो सकें।

लड भडोल कि ऊटपुर पंचायत के वार्ड नंबर 3 घटोड और कुटला के मध्यम बरसाती नाले पर निर्माणाधीन फुल तरस रहा पानी के लिए।

लड भडोल की उटपुर पंचायत के  वार्ड नंबर 3 घटोड और कुटला के मध्य बरसाती नाले पर निर्माणाधीन पुल तरस रहा पानी के लिए।

             

पाठकगण, लड भडोल की उटपुर पंचायत में वार्ड नंबर 3 के अंतर्गत घटोड और कुटला के मध्य बरसाती नाले पर एक पुल निर्माणाधीन है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुल का निर्माण कार्य जारी है। परंतु सीमेंट से बन रहे पुल को पानी नहीं दिया जा रहा जिसकी की उसे अत्यंत आवश्यकता होती है। इस पुलिया के निर्माण के लिए काफी समय से मांग उठ रही थी। इस का निर्माण शुरु करने में भी काफी समय लगा। पिछले साल बरसात में HRTC की एक बस को यहां से निकालने में भी ड्राइवर को  खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। एक बड़ा हादसा होते होते टला। लोगों के अनुसार अगर ड्राइवर से जरा भी चूक हो जाती तो सवारीयो से भरी बस इस बरसाती खडड की भेट  चढ़ जाती। 

       

 


 को शुरुआत में पानी की खासी जरूरत रहती है। जबकि इस पुलिया को पानी नहीं दिया जा रहा है। अब सवाल यह उठता है की अगर यह पुलिया बन भी जाती है तो कितने समय तक चल पाएगी। अगर इसके ऊपर से वाहन गुजरे और यह टूट जाए तो दुर्घटना का जिम्मेवार कौन होगा?

काफी समय के बाद पुलिया के निर्माण को स्वीकृति मिली है। और अब जबकि पुलिया का कार्य चला हुआ है तो उसे पानी नहीं दिया जा रहा और आजकल तो ऐसे भी गर्मी के दिन है। वैसे भी सीमेंट से बन रही इमारत या सरंचना

: क्या विभाग का काम केवल निर्माण करना या करवाना ही है? निर्माण कार्य की जांच करवाना नहीं ? कि काम कैसे चल रहा है? जो निर्माण कार्य हो रहा है वो  कैसे हो रहा है ? ठीक हो रहा है या नहीं?

 LADBHAROLNEWS.COM का प्रशासन और PWD विभाग से अनुरोध है कि निर्माण कार्य की पूरी तरह से जांच की जाए ताकि सरकारी धन और समय का भी सदुपयोग हो सके। निर्माण कार्यो की समय रहते सुध ली जाए ।

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