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राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लडभड़ोल में एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का रंगारंग कार्यक्रम के साथ समापन सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सतीश भारद्वाज रहे मुख्य अतिथि, 52 स्वयंसेवकों ने लिया शिविर में भागट

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लडभड़ोल, 28 अक्टूबर। राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लडभड़ोल में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का बुधवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ धूमधाम से समापन हुआ। यह शिविर 22 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ था, जिसका समापन 28 अक्टूबर को किया गया। समापन समारोह में विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री सतीश भारद्वाज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने स्वयंसेवकों को अपने प्रेरणादायक विचारों और महत्वपूर्ण सुझावों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने स्वयंसेवकों को आशीर्वाद एवं शुभ संदेश देते हुए पुरस्कार भी वितरित किए। इस सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विनोद कुमार के निर्देशानुसार एनएसएस प्रभारी श्री राकेश कुमार एवं महिला प्रभारी श्रीमती अनीता भारद्वाज के नेतृत्व में किया गया। शिविर में कुल 52 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिनमें 26 छात्र और 26 छात्राएं शामिल रहीं। प्रतिदिन की गति...

लडभड़ोल महाविद्यालय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन


राजकीय महाविद्यालय लडभड़ोल में आज छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. मुनीष ठाकुर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य भी मानव जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं को अपने मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम का सफल संचालन और संयोजन प्रो. संजीव कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक समस्याओं को छुपाने के बजाय उन पर खुलकर बात करनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को तनाव मुक्त रहने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के कई व्यावहारिक तरीके भी बताए। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों और भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने सवाल पूछे और विशेषज्ञों द्वारा उनका उचित मार्गदर्शन किया गया।



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