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लड़भड़ोल: 'विकसित भारत की संकल्पना' पर छात्रों ने उकेरी भविष्य के भारत की तस्वीर

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लडभड़ोल मिन्टु शर्मा  लड़भड़ोल स्थित भारतीय ज्ञान पीठ पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 'विकसित भारत की संकल्पना' विषय पर चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि युवा पीढ़ी भविष्य के भारत की कैसी तस्वीर देखती है, वे देश में क्या सकारात्मक बदलाव चाहते हैं और किन मूल्यों को प्राथमिकता देते हैं। ​प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपनी पेंटिंग्स के माध्यम से अपने रचनात्मक विचारों को कैनवास पर उतारा। वहीं, निबंध लेखन में छात्रों ने 'अपने सपनों के भारत' का विस्तार से वर्णन किया। बच्चों ने लिखा कि भविष्य के भारत में शिक्षा प्रणाली कैसी होनी चाहिए, नागरिकों को किस तरह के अधिकार मिलने चाहिए और देश की आर्थिक तरक्की के लिए कौन-से नए उद्योग शुरू किए जाने चाहिए। सबसे प्रमुख रूप से, छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ देश को आगे रखकर काम करना चाहिए। ​ प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे: ​ चित्रकला प्रतियोगिता: प्रतीक्षा ने प्रथम, आदित्य ने द्वितीय और दक्षिल चौहान ने तृत...

लडभड़ोल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत ऊटपुर में भारतीय सेना में नायक सिद्धांत राणा का ऑन ड्यूटी के दौरान एहमदनगर के महाराष्ट्र में बीते वीरवार सुबह 8 बजे हिर्दय गति रुकने से मृत्यु हो गई। सैनिक के निधन की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गयी।


लडभड़ोल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत ऊटपुर में भारतीय सेना में नायक सिद्धांत राणा का ऑन ड्यूटी के दौरान एहमदनगर के महाराष्ट्र में बीते वीरवार सुबह 8 बजे हिर्दय गति रुकने से मृत्यु हो गई। सैनिक के निधन की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गयी। सिद्धान्त राणा वर्ष 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में महाराष्ट्र के एहमद नगर में पोस्टेड थे जहां वह परिवार सहित रहते थे। वह मात्र 34 वर्ष के थे और दो बच्चों के पिता थे। धर्मपत्नी मधु राणा और उनकी बुजुर्ग माता का सुशीला देवी रो-रोकर बुरा हाल था। शुक्रवार को  पार्थिव शरीर वहाँ पहुंचा तो सैकड़ो संख्या में लोग वहां पहुंचे और भारत माता की जय नारे भी लगाए गए और सिद्धांत राणा अमर रहे।शहीद की पत्नी ने नम आंखों और भारी मन से अपने पति को अंतिम विदाई दी। इस भावुक पल को देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।सिद्धांत राणा अपने परिवार का इकलौता सहारा था। इनके परिवार में उनका बेटा अरमान राणा 6 साल का और अहान राणा 1.5 साल का हैं। बता दें कि सिद्धांत राणा ने जबकि 20 अप्रैल को छुट्टी आने वाले थे। अपने पिता को 6 साल के अरमान राणा ने त्रिवेणी श्मशान घाट में नमन आंखों से मुखाग्नि दी। श्मशान घाट पर सेना की टुकड़ी ने अपने साथी को शस्त्र उल्टे कर सलामी दी और पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान लडभड़ोल नायब

तहसीलदार राम पाल बाल्यानी सहित पूर्व सैनिक लीग लडभड़ोल के सदस्यों ने श्मशान घाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।






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