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जोगिंदरनगर :- भजराला में अन्नपूर्णा माता मेले का भव्य आयोजन, विधायक ने की शिरकत

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लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) भजराला में अन्नपूर्णा माता मेले का भव्य आयोजन, विधायक ने की शिरकत भजराला में आयोजित अन्नपूर्णा माता मेले में क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने मेला कमेटी के सदस्यों, मटरू पंचायत के पूर्व प्रधान एवं पूर्व उप-प्रधान तथा स्थानीय जनता का आयोजन को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं, जो आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजन हमारी लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मेला कमेटी को बधाई देते हुए सभी क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। 

सैन्य अभ्यास के दौरान हिमाचल के अक्षित ने देश के लिए त्यागे प्राण, गांव में पसरा मातम


लडभड़ोल/ जिला कांगड़ा के बैजनाथ उपमंडल में उस वक्त शोक

की लहर दौड़ गई, जब खबर आई कि उस्तेहड़ गांव का 26 वर्षीय जांबाज अक्षित अब इस दुनिया में नहीं रहा। पंजाब रेजिमेंट में तैनात यह युवा सैनिक जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में एक सैन्य प्रशिक्षण के दौरान वीरगति को प्राप्त हुआ।

ट्रेनिंग ग्राउंड पर घटित हुआ दर्दनाक हादसा

सोमवार का दिन नौ पंजाब रेजिमेंट के जवानों के लिए नियमित अभ्यास का दिन था। राजौरी के सुंदरबनी इलाके में बहने वाली मिनावर तवी नदी के तट पर सैनिकों को नदी पार करने की बारीकियां और सुरक्षा मानकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। दोपहर के लगभग 12 बजे, जब अक्षित अभ्यास कर रहे थे, तभी अचानक पानी के तेज बहाव और गहराई की चपेट में आने के कारण वह लापता हो गए।

24 घंटे चला सघन रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के तुरंत बाद सेना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया। अंधेरा होने तक अक्षित का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। मंगलवार तड़के सेना के विशेषज्ञ गोताखोरों ने एक बार फिर नदी को खंगाला, जिसके बाद जवान का पार्थिव शरीर बरामद किया गया।

मंदिर की घंटियों के बीच पसरा सन्नाटा

अक्षित का परिवार बैजनाथ के प्रसिद्ध शिव मंदिर से गहरा जुड़ाव रखता है। उनके पिता इस ऐतिहासिक मंदिर में पुजारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। जिस घर में कल तक खुशियां थीं, वहां अब सिसकियां गूंज रही हैं। स्थानीय पूर्व पार्षद कांता देवी के अनुसार, प्रशासन और सेना पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक जम्मू से पैतृक गांव लाने की औपचारिकताओं में जुटे हैं।

7 साल का बेदाग सैन्य करियर

छोटी उम्र में सेना की वर्दी पहनने वाले अक्षित पिछले सात वर्षों से सरहद की हिफाजत कर रहे थे। अपनी ड्यूटी के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें साथियों के बीच काफी लोकप्रिय बनाया था।

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