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लड़भड़ोल महाविद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू

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लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) लड़भड़ोल महाविद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू  स्थानीय राजकीय महाविद्यालय लड़भड़ोल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मुनीश ठाकुर ने बताया कि इच्छुक छात्र 01 जून से 19 जून तक अपने प्रवेश फॉर्म जमा करवा सकते हैं, जबकि छात्रों की प्री-एडमिशन काउंसलिंग 13 से 19 जून तक आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्रथम मैरिट सूची 20 जून को शाम 5 बजे तक जारी होगी और चयनित छात्रों को 21 से 23 जून के बीच अपनी फीस जमा करवानी होगी। इसके बाद खाली सीटों के लिए दूसरी मेरिट सूची 24 जून को दोपहर 3 बजे डिस्प्ले की जाएगी। नए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम 28 से 30 जून तक चलेगा। डॉ. मुनीश ठाकुर ने कहा कि महाविद्यालय में कला और वाणिज्य दोनों संकायों में उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल उपलब्ध है; जहां कला संकाय छात्रों के बौद्धिक विकास, भाषाई पकड़ और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतरीन मंच प्रदान करता है, वहीं वाणिज्य संकाय आधुनिक व्यापार, बैंकिंग और कॉर्पोरेट जगत में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के...

लडभड़ोल अस्पताल खुद बीमार 3 में से 2 डॉक्टर गए, अब 9 से 4 बजे तक ही मिल रहा




लडभड़ोल तहसील क्षेत्र के डेढ दर्जन से अधिक पंचायत के हजारों लोगों को एकमात्र स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाला सिविल अस्पताल लडभड़ोल खुद बीमार नज़र आ रहा हैं।  आलम यह है कि इस क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला सिविल अस्पताल  मात्र एक डॉक्टर के सहारे चला हुआ हैं। आपको बता दें की छुट्टी वाले दिन यहां पर सिर्फ स्टाफ नर्स की अपनी सेवाएं देते हुए उपस्थिति रहती हैं जबकि यहां डॉक्टर कोई भी उपस्थित नहीं रहता हैं। इस इलाके के लोगों की स्वास्थ्य सुविधा राम भरोसे पर ही चल रही हैं। बता दे कि इससे पूर्व यहां तीन डॉक्टर अपने सेवाए दे रहे थे जो कि फोन कॉल अपनी सेवाएं दे रहे थे। जिनमें से दो डॉक्टर आप अपनी पढ़ाई के लिए यहां से जा चुके हैं। अब सवाल यह जनता में खड़ा हो गया है कि मात्र एक डॉक्टर यहां दिन में अपनी सेवाएं देगा या रात्रि में। क्षेत्र के लोगों के लिए समस्या गंभीर है कि कितनी सरकार आई और कितनी गई और अपने फायदे के लिए इस अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया। लेकिन किसी भी सरकार ने यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के ऊपर ध्यान नहीं दिया। आलम यह है कि सिविल अस्पताल होने के बावजूद भी अल्ट्रा अल्ट्रासाउंड सुविधा और ना ही कोई लोगों को स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। न होने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल पाती हैं। उपचार हेतु पहुंचे मरीजों में,पल्लवी, सोनिया सपना उर्मिला सुनील नीतू धर्मसिंह ने बताया कि आए स्वास्थ्य सुविधा पर उंगली उठाते हुए कहा कि इस अस्पताल में ज्यादातर सुविधा न होने से लोगों को इधर-उधर दूरराज के चिकित्सालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। इस अस्पताल में जहां काम से कम चार वैज्ञानिक डॉक्टर सहित 8 से 10 डॉक्टर की नियुक्ति का प्रावधान है लेकिन प्रदेश की सरकार और विभाग की नाकामियों के चलते यहां पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है और लोगों को केवल एक ही शिक्षक दिन में सुबह 9:00 से 4:00 बजे तक अपने स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करते हैं। उसके बाद यहां कोई चिकित्सक तैनात नहीं होता हैं। अगर कोई आपातकालीन समय में कोई रोगी यहां पहुंचता भी है तो उनको सिर्फ स्टाफ नर्स के सारे ही अपना अपना उपचार करवाना पड़ता हैं।


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