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लडभड़ोल क्षेत्र की ग्राम पंचायत तुलाह के गांव गुलाणा में चोरी का एक मामला सामने आया है।

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लडभड़ोल क्षेत्र की ग्राम पंचायत तुलाह के गांव गुलाणा में चोरी का एक मामला सामने आया है। बता दे कि गुलाणा में बीती रात आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के घर से अज्ञात तत्वों ने संधेमारी लगाकर चोरी करने का प्रयास किया हैं। गांव की ही पड़ोसी महिला जब सुबह जब अपनी गौशाला तरफ जा रही थी तो उसने यहां घर का ताला टूटा हुआ पाया और अज्ञात तत्वों द्वारा ट्रंक और अटैची बार आंगन में फेंकी हुई देखी। इसके बाद पड़ोसियों द्वारा कमला देवी पत्नी स्वर्गीय चमेल सिंह को इसकी जानकारी दी गई जो की निजी कार्य के चलते 5 दिनों से शिमला में है। मैन लॉक का दरवाजा एक साइड से लॉक तोड़ा गया और साथ ही उपरी मंजिल के ताले तोड़े गए जिसमें कुछ नगदी और चांदी को अज्ञात तत्व चुरा ले गए हैं। पुलिस को दी फ़ोन के माध्यम से शिकायत में कमला देवी के बेटे आशुतोष कुमार के अनुसार घर से 200 ग्राम चांदी की झांझर और साथ ही 3000 कैश अज्ञात तत्व चुरा ले गए हैं। मौके पर पहुंची लडभड़ोल पुलिस ने जायजा लिया ओर बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया हैं। 

लडभड़ोल अस्पताल खुद बीमार 3 में से 2 डॉक्टर गए, अब 9 से 4 बजे तक ही मिल रहा




लडभड़ोल तहसील क्षेत्र के डेढ दर्जन से अधिक पंचायत के हजारों लोगों को एकमात्र स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाला सिविल अस्पताल लडभड़ोल खुद बीमार नज़र आ रहा हैं।  आलम यह है कि इस क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला सिविल अस्पताल  मात्र एक डॉक्टर के सहारे चला हुआ हैं। आपको बता दें की छुट्टी वाले दिन यहां पर सिर्फ स्टाफ नर्स की अपनी सेवाएं देते हुए उपस्थिति रहती हैं जबकि यहां डॉक्टर कोई भी उपस्थित नहीं रहता हैं। इस इलाके के लोगों की स्वास्थ्य सुविधा राम भरोसे पर ही चल रही हैं। बता दे कि इससे पूर्व यहां तीन डॉक्टर अपने सेवाए दे रहे थे जो कि फोन कॉल अपनी सेवाएं दे रहे थे। जिनमें से दो डॉक्टर आप अपनी पढ़ाई के लिए यहां से जा चुके हैं। अब सवाल यह जनता में खड़ा हो गया है कि मात्र एक डॉक्टर यहां दिन में अपनी सेवाएं देगा या रात्रि में। क्षेत्र के लोगों के लिए समस्या गंभीर है कि कितनी सरकार आई और कितनी गई और अपने फायदे के लिए इस अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया। लेकिन किसी भी सरकार ने यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के ऊपर ध्यान नहीं दिया। आलम यह है कि सिविल अस्पताल होने के बावजूद भी अल्ट्रा अल्ट्रासाउंड सुविधा और ना ही कोई लोगों को स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। न होने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल पाती हैं। उपचार हेतु पहुंचे मरीजों में,पल्लवी, सोनिया सपना उर्मिला सुनील नीतू धर्मसिंह ने बताया कि आए स्वास्थ्य सुविधा पर उंगली उठाते हुए कहा कि इस अस्पताल में ज्यादातर सुविधा न होने से लोगों को इधर-उधर दूरराज के चिकित्सालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। इस अस्पताल में जहां काम से कम चार वैज्ञानिक डॉक्टर सहित 8 से 10 डॉक्टर की नियुक्ति का प्रावधान है लेकिन प्रदेश की सरकार और विभाग की नाकामियों के चलते यहां पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है और लोगों को केवल एक ही शिक्षक दिन में सुबह 9:00 से 4:00 बजे तक अपने स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करते हैं। उसके बाद यहां कोई चिकित्सक तैनात नहीं होता हैं। अगर कोई आपातकालीन समय में कोई रोगी यहां पहुंचता भी है तो उनको सिर्फ स्टाफ नर्स के सारे ही अपना अपना उपचार करवाना पड़ता हैं।


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