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अंडर-19 खेलकूद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट स्कूल लडभड़ोल बना ऑलओवर चैंपियन

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लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊटपुर में आयोजित अंडर-19 छात्र वर्ग खेलकूद प्रतियोगिता में राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लडभड़ोल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑलओवर चैंपियन की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। हर वर्ष की तरह इस बार भी स्कूल के होनहार खिलाड़ियों का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। प्रतियोगिता के रोमांचक मुकाबलों में लडभड़ोल के छात्रों ने उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय दिया। वॉलीबॉल स्पर्धा में खिलाड़ियों ने मेजबान ऊटपुर की टीम को मात देकर जीत हासिल की। वहीं शतरंज प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में हिम-फ्लावर पब्लिक स्कूल को शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। इसके अतिरिक्त खो-खो और बैडमिंटन स्पर्धाओं में भी छात्रों ने सराहनीय प्रदर्शन करते हुए उप-विजेता का स्थान प्राप्त किया। शानदार जीत दर्ज कर पाठशाला लौटने पर प्रधानाचार्य विनोद कुमार सहित समस्त स्टाफ सदस्यों ने खिलाड़ियों का फूल-मालाओं और गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन में शारीरिक शिक्षक देवेन्द्र ठाकुर का मार्गदर्श...

लडभड़ोल अस्पताल खुद बीमार 3 में से 2 डॉक्टर गए, अब 9 से 4 बजे तक ही मिल रहा




लडभड़ोल तहसील क्षेत्र के डेढ दर्जन से अधिक पंचायत के हजारों लोगों को एकमात्र स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाला सिविल अस्पताल लडभड़ोल खुद बीमार नज़र आ रहा हैं।  आलम यह है कि इस क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला सिविल अस्पताल  मात्र एक डॉक्टर के सहारे चला हुआ हैं। आपको बता दें की छुट्टी वाले दिन यहां पर सिर्फ स्टाफ नर्स की अपनी सेवाएं देते हुए उपस्थिति रहती हैं जबकि यहां डॉक्टर कोई भी उपस्थित नहीं रहता हैं। इस इलाके के लोगों की स्वास्थ्य सुविधा राम भरोसे पर ही चल रही हैं। बता दे कि इससे पूर्व यहां तीन डॉक्टर अपने सेवाए दे रहे थे जो कि फोन कॉल अपनी सेवाएं दे रहे थे। जिनमें से दो डॉक्टर आप अपनी पढ़ाई के लिए यहां से जा चुके हैं। अब सवाल यह जनता में खड़ा हो गया है कि मात्र एक डॉक्टर यहां दिन में अपनी सेवाएं देगा या रात्रि में। क्षेत्र के लोगों के लिए समस्या गंभीर है कि कितनी सरकार आई और कितनी गई और अपने फायदे के लिए इस अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया। लेकिन किसी भी सरकार ने यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के ऊपर ध्यान नहीं दिया। आलम यह है कि सिविल अस्पताल होने के बावजूद भी अल्ट्रा अल्ट्रासाउंड सुविधा और ना ही कोई लोगों को स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। न होने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल पाती हैं। उपचार हेतु पहुंचे मरीजों में,पल्लवी, सोनिया सपना उर्मिला सुनील नीतू धर्मसिंह ने बताया कि आए स्वास्थ्य सुविधा पर उंगली उठाते हुए कहा कि इस अस्पताल में ज्यादातर सुविधा न होने से लोगों को इधर-उधर दूरराज के चिकित्सालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। इस अस्पताल में जहां काम से कम चार वैज्ञानिक डॉक्टर सहित 8 से 10 डॉक्टर की नियुक्ति का प्रावधान है लेकिन प्रदेश की सरकार और विभाग की नाकामियों के चलते यहां पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है और लोगों को केवल एक ही शिक्षक दिन में सुबह 9:00 से 4:00 बजे तक अपने स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करते हैं। उसके बाद यहां कोई चिकित्सक तैनात नहीं होता हैं। अगर कोई आपातकालीन समय में कोई रोगी यहां पहुंचता भी है तो उनको सिर्फ स्टाफ नर्स के सारे ही अपना अपना उपचार करवाना पड़ता हैं।


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