BREAKING NEWS:

लडभड़ोल कॉलेज में खाली पद भरने और सड़कों की मरम्मत का आश्वासन, राखी शर्मा ने किया दौरा

Image
लडभड़ोल मिन्टु शर्मा) लांगणा वार्ड-36 की जिला परिषद सदस्य राखी शर्मा ने मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय लडभड़ोल का दौरा कर कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार और शिक्षकों के साथ बैठक कर लंबे समय से रिक्त पड़े प्राध्यापकों के पदों पर चर्चा की। कॉलेज प्रशासन ने उन्हें बताया कि पिछले चार वर्षों से अंग्रेजी और इतिहास विषय के प्राध्यापकों के पद खाली हैं, जबकि राजनीति शास्त्र का पद भी पिछले एक वर्ष से रिक्त चल रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राखी शर्मा ने कहा कि कॉलेज में शिक्षकों की कमी का मुद्दा सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि रिक्त पदों को जल्द भरकर विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके बाद जिला परिषद सदस्य ने लोक निर्माण विभाग (PWD) उपमंडल लडभड़ोल कार्यालय का भी दौरा किया और सहायक अभियंता विजय गुलेरिया से क्षेत्र की जर्जर सड़कों की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने खराब सड़कों की जल्द मरम्मत कराने की मांग उठाई। सहायक अभियंता विजय गुलेरिया ने बताया कि विभाग क्षेत्र का निर...

लडभड़ोल अस्पताल खुद बीमार 3 में से 2 डॉक्टर गए, अब 9 से 4 बजे तक ही मिल रहा




लडभड़ोल तहसील क्षेत्र के डेढ दर्जन से अधिक पंचायत के हजारों लोगों को एकमात्र स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाला सिविल अस्पताल लडभड़ोल खुद बीमार नज़र आ रहा हैं।  आलम यह है कि इस क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला सिविल अस्पताल  मात्र एक डॉक्टर के सहारे चला हुआ हैं। आपको बता दें की छुट्टी वाले दिन यहां पर सिर्फ स्टाफ नर्स की अपनी सेवाएं देते हुए उपस्थिति रहती हैं जबकि यहां डॉक्टर कोई भी उपस्थित नहीं रहता हैं। इस इलाके के लोगों की स्वास्थ्य सुविधा राम भरोसे पर ही चल रही हैं। बता दे कि इससे पूर्व यहां तीन डॉक्टर अपने सेवाए दे रहे थे जो कि फोन कॉल अपनी सेवाएं दे रहे थे। जिनमें से दो डॉक्टर आप अपनी पढ़ाई के लिए यहां से जा चुके हैं। अब सवाल यह जनता में खड़ा हो गया है कि मात्र एक डॉक्टर यहां दिन में अपनी सेवाएं देगा या रात्रि में। क्षेत्र के लोगों के लिए समस्या गंभीर है कि कितनी सरकार आई और कितनी गई और अपने फायदे के लिए इस अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया। लेकिन किसी भी सरकार ने यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के ऊपर ध्यान नहीं दिया। आलम यह है कि सिविल अस्पताल होने के बावजूद भी अल्ट्रा अल्ट्रासाउंड सुविधा और ना ही कोई लोगों को स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। न होने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल पाती हैं। उपचार हेतु पहुंचे मरीजों में,पल्लवी, सोनिया सपना उर्मिला सुनील नीतू धर्मसिंह ने बताया कि आए स्वास्थ्य सुविधा पर उंगली उठाते हुए कहा कि इस अस्पताल में ज्यादातर सुविधा न होने से लोगों को इधर-उधर दूरराज के चिकित्सालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। इस अस्पताल में जहां काम से कम चार वैज्ञानिक डॉक्टर सहित 8 से 10 डॉक्टर की नियुक्ति का प्रावधान है लेकिन प्रदेश की सरकार और विभाग की नाकामियों के चलते यहां पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है और लोगों को केवल एक ही शिक्षक दिन में सुबह 9:00 से 4:00 बजे तक अपने स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करते हैं। उसके बाद यहां कोई चिकित्सक तैनात नहीं होता हैं। अगर कोई आपातकालीन समय में कोई रोगी यहां पहुंचता भी है तो उनको सिर्फ स्टाफ नर्स के सारे ही अपना अपना उपचार करवाना पड़ता हैं।


Comments