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देशराज ( बाबा) एसएमसी प्रधान बने!

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लडभड़ोल (मिन्टु शर्मा): राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल) पंजालग में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के चुनावों का सफल आयोजन किया गया। इस चुनाव में देशराज (बाबा) को सर्वसम्मति से समिति का नया प्रधान चुना गया है। उनके चयन पर पूरे स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। ​इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने नवनियुक्त प्रधान देशराज बाबा को बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर स्कूल प्रबंधन और स्टाफ के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: ​विजय कुमार (प्रवक्ता/लेक्चरर) ​शमशेर सिंह (प्रवक्ता/लेक्चरर) ​संजय राणा (डीपीई - शारीरिक शिक्षा शिक्षक) ​नोट: सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह दर्शाता है कि स्कूल के विकास और बच्चों के भविष्य को लेकर पूरे क्षेत्र और स्कूल प्रशासन में आपसी तालमेल और एकजुटता है।

लड भड़ोल महाविद्यालय में हिन्दी दिवस पर काव्य पाठ, भाषण व प्रदर्शनी का आयोजन


राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल में ‘राष्ट्रीय हिंदी दिवस’ का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस

मौके पर विद्यार्थियों के लिए भाषण तथा काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के साथ-साथ महाविद्यालय के पुस्कालय

विभाग द्वारा हिन्दी विषय की महत्वपूर्ण पुस्तकों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत कार्यक्रम

के संयोजक प्रो. संजीव कुमार के संबोधन के साथ हुई। इस आयोजन में काव्य पाठ प्रतियोगिता के अंतर्गत दस

प्रतिभागियों ने दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियां दी। इसके तहत स्वाति, पल्लवी व अंशिका क्रमश: प्रथम,

द्वितीय व तृतीय स्थान पर रही। भाषण प्रतियोगिता में स्वाति, मुस्कान व कोमल ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय व

तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों ने हिंदी दिवस के अवसर पर आत्मविश्वास के साथ प्रेरक विचारों

से भरपूर प्रस्तुतियां दी। विद्यार्थियों ने बताया कि हिन्दी भाषा सरल होने के साथ-साथ हमारी संस्कृति व

मूल्यों की भी पहचान है। इस आयोजन में महाविद्यालय के लगभग सभी विद्यार्थियों ने जबकि दोनों

प्रतियोगिताओं में कुल 1

5 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इस मौके पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वास्तव में

भाषा जीवन का आधार है। इस परिप्रेक्ष्य में हिंदी महज एक विषय नहीं है, बल्कि एक जीवन जीने की कला है।

ये हमारी संस्कृति की धरोहर को संजोए रखने तथा उसका विकास करने में सहायक रही है। उन्होंने बताया कि

आधुनिक तकनीकों के साथ हिन्दी भाषा ने जिस तरह तालमेल बिठाया है उसके कारण वैश्विक स्तर पर हिन्दी

का प्रयोग व स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम संयोजक सहित सभी विजेताओं,

विद्यार्थियों व स्टाफ सदस्यों को सहयोग व सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 

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