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लडभड़ोल बस स्टैंड में वाटर कूलर और पानी की टंकी की हुई सफाई, फिल्टर लगाने की उठी मांग

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आज लडभड़ोल बस स्टैंड में लंबे समय बाद वाटर कूलर और पानी की टंकी की अच्छी तरह सफाई की गई। कई दिनों से सफाई न होने के कारण टंकी और वाटर कूलर में काफी मिट्टी और गंदगी जमा हो गई थी, जिससे यात्रियों को स्वच्छ पेयजल मिलने में परेशानी हो रही थी। सफाई अभियान में शिवांग सोनी, अक्षय कुमार, राकेश कुमार, जसवंत (फौजी भाई) और आशीष कुमार ने मिलकर सराहनीय योगदान दिया। स्थानीय लोगों ने इन युवाओं की इस सामाजिक पहल की जमकर प्रशंसा की और इसे जनहित का कार्य बताया। साथ ही स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के विधायक से आग्रह किया है कि बस स्टैंड पर लगे वाटर कूलर में जल्द से जल्द वॉटर फिल्टर लगाया जाए, ताकि यात्रियों और आम जनता को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते हैं, इसलिए स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

क्षय रोग मुक्त भारत के लक्ष्य प्राप्ति को, शुरू हो टीबी मुक्त पंचायत अभियान-के. के. शर्मा चिकित्सा खंड लडभड़ोल की खंड स्तरीय टीबी उन्मूलन समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोले एसडीएम


 जोगिन्दर नगर, 26 अप्रैल-एसडीएम जोगिन्दर नगर कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि भारत सरकार के वर्ष 2025 तक देश को क्षयरोग (टीबी) मुक्त बनाने के लक्ष्य प्राप्ति के लिए चौंतड़ा चिकित्सा खंड में क्षय रोग मुक्त पंचायत अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग के इस कदम से न केवल टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य प्राप्त होगा बल्कि क्षयरोग मुक्त भारत बनाने में भी मदद मिलेगी। एसडीएम आज चिकित्सा खंड लडभड़ोल की खंड स्तरीय क्षयरोग उन्मूलन समिति बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला क्षय रोग निगरानी अधिकारी डॉ. अरिंदम रॉय तथा डब्ल्यू.एच.ओ. सलाहकार हिमाचल डॉ. सैजल भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। बैठक का संचालन खंड चिकित्साधिकारी लडभड़ोल डॉ. ए.के. सिंह ने किया।
कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि देश से क्षयरोग के संपूर्ण उन्मूलन के लिए लोगों में टीबी के प्रति जागरूकता व गंभीरता होना बेहद आवश्यक है। उन्होने विभागीय अधिकारियों को ग्रामीण स्तर पर लोगों को क्षयरोग से जुड़े विभिन्न लक्षणों एवं बचाव के साथ व्यापक जन जागरूकता लाने पर भी बल दिया।
एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि वर्तमान में लडभड़ोल चिकित्सा खंड में कुल 58 क्षयरोग पीड़ित मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें एक मरीज एमडीआर वर्ग का है। उन्होने बताया कि सरकार टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज की पूर्ण अवधि तक प्रतिमाह 500 रुपये बतौर पोषण सहायता प्रदान करती है। साथ ही राज्य सरकार बिगड़ी टीबी के इलाज की पूर्ण अवधि तक मरीज को 1500 रुपये की राशि प्रदान करती है। चिकित्सा खण्ड लडभड़ोल के अंतर्गत वर्ष 2022 में 166 क्षयरोग लाभार्थियों को 4 लाख 77 हजार रुपये  तथा वर्ष 2023 मे 36 क्षयरोग लाभार्थियों को 55 हजार रुपये की राशि का निर्वहन किया जा चुका है।
निक्षय मित्र निभाएंगे टीबी उन्मूलन में अहम भूमिका
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि टीबी उन्मूलन में सामुदायिक समर्थन हेतु सरकार ने एक डिजिटल मंच प्रदान किया है। जिसके द्वारा सामुदायिक सहायता सुनिश्चित करने हेतु टीबी रोगियों को किसी व्यक्ति, किसी प्रतिनिधि या संस्थान द्वारा गोद लिया जा सकता है। ऐसे व्यक्ति, प्रतिनिधि या संस्थान को निक्षय मित्र कहा जायेगा। निक्षय मित्र की भागीदारी में एक निक्षय मित्र पोषण किट भी सरकार द्वारा तैयार की गई है, जिसमें मरीज के लिए आवश्यक पोषण सामग्री शामिल है। साथ ही निक्षय मित्र टीबी मरीज के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी तैयार करेंगे ताकि उन्हें टीबी जैसी गंभीर बीमारी को हीन न मानकर उससे लड़ने की ऊर्जा मिल सके। लडभड़ोल चिकित्सा खंड में अब तक लगभग पांच लोग निक्षय मित्र बन चुके हैं। निक्षय मित्र बनने के लिए लोगों से आगे आने का भी आह्वान किया है।
बैठक में टीबी नोडल अधिकारी लडभड़ोल डॉ. निशांत जसवाल, बीडीओ चौंतड़ा सरवन कुमार, प्राचार्य लडभड़ोल कॉलेज डॉ. मुनीष ठाकुर, प्रो. तिलक शर्मा, प्रो. पंकज कुमार, जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया, विजय कुमार, डॉ. हरदेव ठाकुर, स्वास्थ्य शिक्षक शेर सिंह वर्मा, पूर्ण चंद, लव कुमार, विजय कुमार, श्याम लाल, नीलम कुमारी सहित समिति के अन्य सदस्यगण मौजूद रहे।


 

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