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जोगिन्दरनगर में प्राकृतिक आपदा की घटना में महिला की मृत्यु !

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दिनांक 24 जुलाई, 2026 को जोगिन्दरनगर क्षेत्र में एक दुःखद प्राकृतिक घटना में सामेश्वरी शर्मा (49 वर्ष), निवासी सुल्तानपुर, जिला कुल्लू की मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह अपने परिवार के साथ माता सिमसा देवी मंदिर जा रही थीं। बाहमणू नाला के समीप वाहन रोकने के बाद वह पानी लेने के लिए नीचे गईं, तभी पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल जोगिन्दरनगर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जोगिन्दरनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण कर पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह घटना प्राकृतिक आपदा के कारण होना पाई गई है तथा मामले में धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

ऐहजु में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की हुई स्वास्थ्य जांच,पोषणयुक्त आहार बारे बताया बाल विकास परियोजना चौंतड़ा के माध्यम से वृत ऐहजु के बच्चों की करवाई स्वास्थ्य जांच

 

जोगिन्दर नगर, 24 मार्च-बाल विकास परियोजना चौंतड़ा के माध्यम से वृत ऐहजु के कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की गीता भवन ऐहजु में स्वास्थ्य जांच करवाई गई। जिसमें कोई भी बच्चा अति कुपोषित श्रेणी में नहीं पाया गया है। कुपोषित श्रेणी में शामिल हुए बच्चों बारे उनके अभिभावकों को पोषणयुक्त आहार संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।
इस बारे जानकारी देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी चौंतड़ा बीआर वर्मा ने बताया कि एसडीएम जोगिन्दर नगर के निर्देशानुसार आज वृत ऐहजु के कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच करवाई गई। जांच में कोई भी बच्चा अति कुपोषित श्रेणी में नहीं पाया गया है। साथ ही कुपोषित श्रेणी में पाए गए बच्चों के अभिभावकों को पोषणयुक्त आहार बारे भी विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्होने बताया कि डॉ. मोनिका राणा ने ऐहजु वृत के कुपोषित व अति कुपोषित श्रेणी में शामिल 16 बच्चों में से 10 की स्वास्थ्य जांच करवाई गई। जिनमें से कोई भी बच्चा अति कुपोषित श्रेणी में नहीं पाया गया है। साथ ही जो बच्चे कुपोषण श्रेणी में शामिल हुए हैं, उनके अभिभावकों को पोषणयुक्त आहार देने की जानकारी भी दी।
अभिभावकों को बताया गया कि पहले 6 माह तक केवल मां का दूध ही बच्चों को आहार के रूप में दिया जाना चाहिए। 6 माह के पश्चात मां के दूध के अलावा अतिरिक्त पौष्टिक आहार भी बच्चों के भोजन में शामिल करें। जिसमें मौसमी फल व सब्जियों  के साथ-साथ ड्राई फ्रूट को भी शामिल कर सकते हैं। अतिरिक्त पोषणयुक्त आहार से न केवल बच्चा स्वस्थ रहेगा बल्कि उसका सही शारीरिक व मानसिक विकास भी होगा।



 

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