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जोगिन्दरनगर में प्राकृतिक आपदा की घटना में महिला की मृत्यु !

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दिनांक 24 जुलाई, 2026 को जोगिन्दरनगर क्षेत्र में एक दुःखद प्राकृतिक घटना में सामेश्वरी शर्मा (49 वर्ष), निवासी सुल्तानपुर, जिला कुल्लू की मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह अपने परिवार के साथ माता सिमसा देवी मंदिर जा रही थीं। बाहमणू नाला के समीप वाहन रोकने के बाद वह पानी लेने के लिए नीचे गईं, तभी पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल जोगिन्दरनगर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जोगिन्दरनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण कर पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह घटना प्राकृतिक आपदा के कारण होना पाई गई है तथा मामले में धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

बी.पी.एस स्कूल ने आग से झुलसे युवक को भेजे 50473 रूपए मंडी से समाजसेवी निपुण मल्होत्रा ने भेजे 11000 रूपए पी.जी.आई में उपचाराधीन बरोट के कृष्ण कुमार के उपचार को चाहिए चार लाख


जोगिंदरनगर,30 जनवरी: बरोट गांव से सबंध रखने वाले आग से झुलसे निर्धन परिवार के नौजवान युवक की मदद के लिए विभिन्न संस्थाएं व स्कूल आगे आए हैं। शहर के दयानंद भारतीय पब्लिक सीनियर सैकेंडरी स्कूल जोगिंदरनगर के बच्चों व स्टाफ ने ङ्क्षजदगी और मौत की जंग लड़ रहे पी.जी.आई चंडीगढ़ में उपचाराधीन 22 साल के युवक कृष्ण कुमार के उपचार केलिए 50473 रूपए की राशि एकत्रित करके कृष्ण कुमार के पिता जगदीश कुमार के

बैंक अकाऊंट में भेजी है। स्कूल के चेयरमैन ओम मरवाह व प्रधानाचार्य ओम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि भविष्य में भी स्कूल ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद
के लिए हमेशा आगे रहेगा और उन्होंने कृष्ण कुमार के शीघ्र स्वास्थय लाभ की कामना की। कृष्ण कुमार के उपचार के लिए चार लाख रूपए की आवश्यकता है। कृष्ण कुमार के पिता जगदीश कुमार व माता रूमला देवी ने कहा कि दानी सजन्नों से उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है। उधर, मंडी से सबंध रखने
वाले स्व. समाजसेवक चंद्रेश मल्होत्रा के पुत्र समाजसेवी निपुण मल्होत्रा ने भी अपनी और से कृष्ण कुमार की माता रूमला देवी को 11000 रूपए की राशि
गूगल पे के माध्यम से भेजी है। निपुण मल्होत्रा मुम्बई में अपना बिजनेस करते हैं परंतु अपने पिता की मौत के बाद अपने पिता के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए वे दिन-रात गरीबों की सेवा में लगे रहते हैं। निपुण मल्होत्रा किसी भी जरूरतमंद की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं।

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