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देशराज ( बाबा) एसएमसी प्रधान बने!

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लडभड़ोल (मिन्टु शर्मा): राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल) पंजालग में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के चुनावों का सफल आयोजन किया गया। इस चुनाव में देशराज (बाबा) को सर्वसम्मति से समिति का नया प्रधान चुना गया है। उनके चयन पर पूरे स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। ​इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने नवनियुक्त प्रधान देशराज बाबा को बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर स्कूल प्रबंधन और स्टाफ के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: ​विजय कुमार (प्रवक्ता/लेक्चरर) ​शमशेर सिंह (प्रवक्ता/लेक्चरर) ​संजय राणा (डीपीई - शारीरिक शिक्षा शिक्षक) ​नोट: सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह दर्शाता है कि स्कूल के विकास और बच्चों के भविष्य को लेकर पूरे क्षेत्र और स्कूल प्रशासन में आपसी तालमेल और एकजुटता है।

राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल में राजनीति शास्त्र विभाग के द्वारा संविधान दिवस का आयोजन किया गया.

 

राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल में राजनीति शास्त्र विभाग के द्वारा संविधान दिवस का आयोजन किया गया. संविधान दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों की अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर संजीव कुमार ने की. प्रो. संजीव जी ने महाविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की समस्त संस्थाएं संविधान के अनुसार ही चल रही हैं. अतः हमें भी अपने अधिकारों की जानकारी रखते हुए कर्तव्यों का भलीभांति निर्वाहन करना चाहिए.
कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीत द्वारा की गई. तत्पश्चात विभिन्न प्रतियोगिताओं की श्रृंखलाओं का आयोजन किया गया. जिसमें भाषण प्रतियोगिता में बीए तृतीय वर्ष की पूजा प्रथम, बी. ए. प्रथम वर्ष की भावना द्वितीय, बी. ए. द्वितीय वर्ष की कविता तृतीय स्थान पर रहीं. जबकि पोस्टर मेकिंग में बी.ए. प्रथम वर्ष से साहिल और प्रियांशु संयुक्त संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे जबकि बी. ए.  द्वितीय वर्ष से कविता द्वितीय स्थान और बी.ए. प्रथम वर्ष से ज्योति तृतीय स्थान अर्जित करने में सफल रही. दूसरी ओर मॉडल मेकिंग में बी.ए. प्रथम वर्ष से राधिका और नेहा जबकि बी.ए. द्वितीय वर्ष से पूजा अंकिता और बबीता द्वितीय स्थान तथा बी.ए. तृतीय वर्ष से स्वाति तृतीय स्थान प्राप्त करने में सफल रही. कार्यक्रम के कार्यक्रम के अंत में राजनीति शास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ. प्रीति द्वारा भारतीय संविधान के विभिन्न पहलुओं और मुख्य रूप से प्रस्तावना के महत्व पर प्रकाश डाला गया. इस अवसर पर उनहोंने कहा कि संविधान के बिना राज्य बिना प्राण के शरीर के समान है. अतएव देश के समस्त नागरिकों को संभाव से देखने वाले संविधान के प्रति देशवासियों के मन, सम्मान, समर्पण और सहर्ष अनुपालन का भाव होना नितांत आवश्यक है. इस कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य प्रोफेसर संजीव के करकमलों से विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान निर्णायक मंडल में डॉ चंचल तथा प्रोफेसर संगीता शामिल रहे. महाविद्यालय के समस्त शिक्षक वर्ग और गैर शिक्षक वर्ग के द्वारा भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका दर्ज की गई. 





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