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जोगिन्दरनगर में प्राकृतिक आपदा की घटना में महिला की मृत्यु !

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दिनांक 24 जुलाई, 2026 को जोगिन्दरनगर क्षेत्र में एक दुःखद प्राकृतिक घटना में सामेश्वरी शर्मा (49 वर्ष), निवासी सुल्तानपुर, जिला कुल्लू की मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह अपने परिवार के साथ माता सिमसा देवी मंदिर जा रही थीं। बाहमणू नाला के समीप वाहन रोकने के बाद वह पानी लेने के लिए नीचे गईं, तभी पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल जोगिन्दरनगर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जोगिन्दरनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण कर पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह घटना प्राकृतिक आपदा के कारण होना पाई गई है तथा मामले में धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

ऊहल परियोजना चुल्ला को पटरी पर लाने के लिए व्यास वैली पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से मांगी मदद!


लडभड़ोल में स्थित ऊहल तृतीय पनविद्युत प्रोजेक्ट चूला को दोबारा पटरी पर लाने के लिए  ब्यास वैली पावर कॉरपोरेशन के प्रबंधन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञों से  मदद मांगी है। इस प्रोजेक्ट में 17 मई की रात को बिजली उत्पादन शुरूहोते ही पैनस्टॉक क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे पनविद्युत परियोजना का पावर हाउस पूरी तरह जलमग्न हो गया था। हादसे में करीब 22 कर्मचारियों की जान बाल - बाल बची थी। ऊहल तृतीय पनविद्युत प्रोजेक्ट चूला में हादसे के बाद क्षतिग्रस्त पैनस्टॉक को पूरा बदलने या फिर इसकी मरम्मत किए जाने को लेकर गहन मंथन हो रहा है। इसी को लेकर आइआइटी  के विशेषज्ञों से राय मांगी गई है वहीं  एक सप्ताह के अंदर पैनल ऑफ एक्सपर्ट की अध्ययन रिपोर्ट भी आने वाली है। सरकार ने प्रबंधन को प्रोजेक्ट में तीन माह के अंदर बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य दिया है। टरबाइन से गाद हटाई ज चुकी है। भारत हैवी इलेक्ट्रिल्स लिमिटेड ( बीएचईएल ) के इंजीनियर पावर हाउस को विद्युत उत्पादन के लिए तैयार करने का काम जल्द शुरू करने वाले हैं। हादसे की उच्चस्तरीय जांच की रिपोर्ट प्रदेश सरकार के पास विचाराधीन है। 10 से 13 जुलाई तक परियोजना की  पैनस्टॉक , पावर हाउस समेत हर निर्माण की गहन जांच उच्चस्तरीय जांच कमेटी के द्वारा की गई थी। जल्द ही आइआइटी के विशेषज्ञ परियोजना को पटरी पर लाने का जिम्मा संभाल सकते हैं। विशेषज्ञों के  आने के बाद ही विद्युत उत्पादन शुरू होने पर स्थिति साफ हो पाएगी। इससे पूर्व भी कुछ समय पहले प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन शुरु होते ही 
ब्लास्ट होने से पैनस्टॉक के पांच  मीटर के हिस्से को क्षति पहुंची थी। इससे करीब 98 लाख का नुकसान हुआ था  पावर हाउस की मशीनरी को पहुंचे नुकसान का यह आंकड़ा काफी ज्यादा है।  पैनस्टॉक के क्षतिग्रस्त पांच मीटर के हिस्से को बदलने या फिर 30 से 40 मीटर हिस्से को नए सिरे से स्थापित करने के लिए पैनल ऑफ एक्सपर्ट की टीम से जांच करवाई गई थी। पांच मीटर पैनस्टॉक के बदले अगर 30 से 40 मीटर पैनस्टॉक के हिस्से को बदलना पड़ा तो आठ से 10 करोड़ रुपये खर्चा आएगा। 935 मीटर सिम्मा स्टील को भी बदलने पर गहन मंथन चल रहा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी पैनल ऑफ एक्सपर्ट से सुझाव मांगा जा रहा है। अब तक 11 बार वीडियो कांफ्रेंसिंग हो चुकी है। दो बार उच्चस्तरीय टीमें हादसे की जांच कर चुकी हैं। इस बारे में एमडी व्यास केली पावर कॉरपोरेशन दिनेश चौधरी ने बताया कि पावर हाउस में  जल्द विद्युत उत्पादन शुरू करने के लिए परियोजना प्रबंधन पैनल ऑफ एक्सपर्ट के संपर्क में है। धन्यवाद! LADBHAROLNEWS.COM




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