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लड़भड़ोल: 'विकसित भारत की संकल्पना' पर छात्रों ने उकेरी भविष्य के भारत की तस्वीर

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लडभड़ोल मिन्टु शर्मा  लड़भड़ोल स्थित भारतीय ज्ञान पीठ पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 'विकसित भारत की संकल्पना' विषय पर चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि युवा पीढ़ी भविष्य के भारत की कैसी तस्वीर देखती है, वे देश में क्या सकारात्मक बदलाव चाहते हैं और किन मूल्यों को प्राथमिकता देते हैं। ​प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपनी पेंटिंग्स के माध्यम से अपने रचनात्मक विचारों को कैनवास पर उतारा। वहीं, निबंध लेखन में छात्रों ने 'अपने सपनों के भारत' का विस्तार से वर्णन किया। बच्चों ने लिखा कि भविष्य के भारत में शिक्षा प्रणाली कैसी होनी चाहिए, नागरिकों को किस तरह के अधिकार मिलने चाहिए और देश की आर्थिक तरक्की के लिए कौन-से नए उद्योग शुरू किए जाने चाहिए। सबसे प्रमुख रूप से, छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ देश को आगे रखकर काम करना चाहिए। ​ प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे: ​ चित्रकला प्रतियोगिता: प्रतीक्षा ने प्रथम, आदित्य ने द्वितीय और दक्षिल चौहान ने तृत...

लडभड़ोल में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के लिए लगा शिविर, 15 बच्चे हुए चिन्हित


लडभड़ोल।समग्र शिक्षा अभियान (वित्तीय वर्ष 2025-26) के तहत गुरुवार को लडभड़ोल स्थित बीआरसीसी कार्यालय में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के लिए एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की गहन स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के उपरांत कुल 15 बच्चों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के रूप में चिन्हित किया गया है। यह महत्वपूर्ण शिविर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी चौंतड़ा-II बलवंत सिंह और बीपीओ हकीकत राय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। शिविर में राजकीय स्कूल दलेड़, खडिहार, ममाण, लडभड़ोल और पंजालग सहित क्षेत्र के अन्य स्कूलों के बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है जिन्हें विशेष देखभाल और शिक्षा की आवश्यकता है। अब समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत इन चिन्हित 15 बच्चों को उचित संसाधन और आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे भी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर अन्य बच्चों के समान रूप से आगे बढ़ सकें।






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