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ग्राम पंचायत दलेड से प्रधान पद के उम्मीदवार सुमिता उर्फ रेनू ने अपना समर्थन अपनी नजदीकी दूसरी जानकार महिला सन्नो देवी को समर्थन दिया।

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लडभड़ोल (मिन्टु शर्मा) पंचायत चुनावो के  चलते तहसील लडभड़ोल क्षेत्र की  ग्राम  पंचायत दलेड महिला प्रधान पद के दावेदार  सुमिता उर्फ रेनू जो पिछले कई दिनों से  अपने समर्थन के लिए लोगों से मिलजुल  रही थी अपने पक्ष में मतदान के लिए अपीले  कर रही थी। लेकिन नामांकन पत्र भरते वक्त  उनको ऐसा झटका लगा कि वह सपने में भी  नहीं सोच सकती थी। जानकारी के अनुसार  ग्राम पंचायत दलेड से प्रधान पद से  उम्मीदवार सुमिता उर्फ रेनू जब अपना  नामांकन पत्र कार्यालय पहुंची। वहां पर  उनको मायुसी का सामना करना पड़ा। कर  नहीं आ रहा जब वह पर्चा दाखिल करने  वाली ही थी। जब उनको पता चला की  वोटर लिस्ट में उनका नाम ही नहीं है। इस  कारण उन्हें अपने प्रधान पद की दावेदारी से  वंचित रहना पड़ा। उन्होंने संबंधित विभाग  पर भी लापरवाही करने की बात कही। और  उसके चलते उन्होंने अपनी नजदीकी दूसरी  जानकार महिला सन्नो देवी  को अपना  समर्थन देकर चुनाव के लिए मैदान में उतार  दिया सभी क्षेत्रवासी सन्नो देवी को प्रधान...

स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं, हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी शुरू नहीं हुई ऑनलाइन प्रक्रिया।


 प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगी है। एलिमेंटरी से लेकर हायर एजुकेशन में 70 फीसदी स्कूल ही ऐसे हैं, जहां बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत जनजातीय एरिया के स्कूलों में है, जहां या तो बिजली की दिक्कत है या फिर अधिकतर मशीनें खराब पड़ी हैं। हालांकि इन स्कूलों में हर हाल में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की बात कही गई है। इसमें 963 हाई स्कूलों में से 909 स्कूलों में ही बायोमीट्रिक है, वहीं सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रदेश में 1999 हैं और इनमें से भी 1762 स्कूलों में ही बायोमीट्रिक लगी है। इसके साथ ही 276 कालेजों में से 166 कालेजों में ही बायोमीट्रिक मशीनें लगी हैं। शिमला शहर में भी 409 स्कूलों में 20 फीसदी स्कूल अभी बिना बायोमीट्रिक मशीनों के हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस मकसद को पूरा करने के लिए ये आदेश जारी हुए हैं, वह कब पूरा होगा।गौर रहे कि हाई कोर्ट के आदेशों के बाद सरकारी स्कूलों में शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा निदेशालय सख्त हो गया है। विभाग ने शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की है। इसका पूरा रिकार्ड भी ऑनलाइन रखा जाएगा। इसके लिए स्कूलों को ई-संवाद ऐप के माध्यम से उपस्थिति लगाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, स्कूलों में उपस्थिति रजिस्टर में भी लगेगी, लेकिन ई-संवाद ऐप पर भी इसका पूरा रिकार्ड होगा। यदि किसी की ई-संवाद ऐप पर उपस्थिति नहीं लगी, तो रजिस्टर में भी अनुपस्थिति ही लगाई जाएगी। उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डा. अमरजीत शर्मा की तरफ से ये निर्देश जारी किए गए थे। शिक्षा विभाग ने दो साल पहले ई-संवाद ऐप कार्यक्रम शुरू किया था। पहले कुछ स्कूलों में यह शुरू किया था, इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया।

अभिभावकों को भेजा जाएगा संदेश

उपस्थिति के साथ इस ऐप का यह भी लाभ है कि डाटा जमा करने के बाद विद्यार्थियों की प्रगति के बारे में मोबाइल फोन पर संदेश अभिभावकों को भेजा जाएगा।

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