BREAKING NEWS:

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़पट में हुआ नई एसएमसी कमेटी का गठन! श्रीमती रेनू बनी प्रधान!

Image
लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़पट में नई एसएमसी कमेटी का गठन किया गया जिसमें अभिभावकों और समस्त विद्यालय स्टाफ ने भाग लिया। श्रीमती रेनू को सर्वसम्मति से नई एसएमसी कमेटी का प्रधान चुना गया।इसके अतिरिक्त श्रीमती शिल्पादेवी, श्रीमती लता देवी, श्रीमती सीमा देवी, श्रीमती तारादेवी , श्रीमती ममता को नई कमेटी का मेंबर चुना गया।प्रधानाचार्य श्री राजेश चंद कटोच जी ने नव निर्वाचित एसएमसी कमेटी की प्रधान श्रीमती रेनू देवी को बधाई दी और साथ ही पूर्व एसएमसी कमेटी प्रधान श्रीमती बबली देवी को पिछले 3 वर्षों के दौरान अपना भरपूर सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। 

लडभडोल क्षेत्र के त्रिवेणी महादेव से जयसिंहपुर तक ब्यास में होगी रोमांचित की अठखेलियां


ब्यास में होंगी रोमांच की अठखेलियां
 कई सालों से जल रोमांच खेलों का इंतजार कर रहे जिला कांगड़ा के जयसिंहपुर क्षेत्र में जल्द रीवर राफ्टिंग शुरू होगी । एडवैंचर के क्षेत्र में कार्य कर रही पालमपुर की टाइगर टीम  एडवैंचर को ब्यास नदी में रीवर राफ्टिंग में सफलता मिली है । इसके लिए जिला मंडी के त्रिवेणी से लेकर जयसिंहपुर के हारसीपतन तक के क्षेत्र को  उपयुक्त पाया गया है । यह पहली बार हुआ है कि ब्यास नदी में इस क्षेत्र में रीवर राफ्टिंग की गतिविधियाँ शुरू हुई हों ।टाइगर टीम एडवैंचर के चेयरमैन राजीव जम्वाल ने बताया कि ब्यास नदी के हिस्से में रीवर राफ्टिंग की काफी संभावना है  और यह क्षेत्र ऐसी एडवैंचर वाटर स्पोर्ट्स के लिए काफी उपयुक्त है । मंडी कांगड़ा व हमीरपुर जिलों की सीमा के केंद्र बिंदु लड भडोल के साथ लगता त्रिवेणी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से काफी प्रसिद्ध है ।इस स्थान में ब्यास नदी व विनवा का संगम होता है ।इसक अलावा त्रिवेणी महादेव से  निकलने वाली जलधारा भी यहीं मिलती है  ऐसे में अब यह स्थान वाटर स्पोर्ट्स के मानचित्र में  आता है तो  इस स्थान से लेकर जयसिंहपुर तक काफी लोगों  को रोजगार मिल सकता है । मौजूदा  समय में ब्यास नदी में केवल कुल्लू जिला में ही रीवर राफ्टिंग होती है । जबकि कांगड़ा में पौंग बांध के क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स गेम का आयोजन होता है । हालांकि नादौन के समीप भी वाटर स्पोर्ट्स  शुरू करने के प्रयास सरकार ने  किए थे लेकिन वो प्रयास  आज तक धरातल पर नहीं  उत्तर पाए थे

Comments