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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़पट में हुआ नई एसएमसी कमेटी का गठन! श्रीमती रेनू बनी प्रधान!

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लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़पट में नई एसएमसी कमेटी का गठन किया गया जिसमें अभिभावकों और समस्त विद्यालय स्टाफ ने भाग लिया। श्रीमती रेनू को सर्वसम्मति से नई एसएमसी कमेटी का प्रधान चुना गया।इसके अतिरिक्त श्रीमती शिल्पादेवी, श्रीमती लता देवी, श्रीमती सीमा देवी, श्रीमती तारादेवी , श्रीमती ममता को नई कमेटी का मेंबर चुना गया।प्रधानाचार्य श्री राजेश चंद कटोच जी ने नव निर्वाचित एसएमसी कमेटी की प्रधान श्रीमती रेनू देवी को बधाई दी और साथ ही पूर्व एसएमसी कमेटी प्रधान श्रीमती बबली देवी को पिछले 3 वर्षों के दौरान अपना भरपूर सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। 

सेना का हर 10वां वीरता पुरस्कार हिमाचली सपूत को, फिर भी अपनी रेजिमेंट नहीं

सेना का हर 10वां वीरता पुरस्कार हिमाचली सपूत को, फिर भी अपनी रेजिमेंट नहीं
देश के पहले परमवीर चक्र विजेता पालमपुर के मेजर सोमनाथ। कारगिल युद्ध में दो परमवीर चक्र समेत कुल चार सर्वोच्च सैन्य सम्मान। सेना का हर 10वां वीरता पुरस्कार हिमाचली जवान के नाम। थलसेना, वायुसेना और नौसेना में सवा लाख से अधिक जवान दे रहे हैं सेवाएं और करीब इतने ही पूर्व सैनिक देश सेवा कर चुके हैं। लेकिन आजादी के 72 साल बाद भी हिमाचल को अपनी सैन्य रेजिमेंट नहीं मिल पाई है।
चुनावों के समय हिमाचल रेजिमेंट की आवाज तो उठती रही है, लेकिन चुनावी शोर थमते ही यह मांग भी ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है। प्रदेश से हर पांच साल बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों से कुल चार सांसद और छह साल बाद दो राज्यसभा सदस्य संसद में पहुंचते हैं। बावजूद इसके हिमाचल के नाम से रेजिमेंट की मांग अनसुनी रह जाती है। 
देश के कई राज्यों के नाम पर सेना में रेजिमेंट हैं। उत्तराखंड में कुमाऊं और गढ़वाल दो रेजिमेंट है। हरियाणा में भी जाट और राजपूत नाम से सेना की दो रेजिमेंट्स हैं। लेकिन सेना में करीब एक हजार बहादुरी पुरस्कार हासिल करने वाले सैनिकों के राज्य में एक भी आर्मी की रेजिमेंट नहीं है। सूबे के युवकों को डोगरा रेजिमेंट में भर्ती होने के लिए मीलों दूर फैजाबाद भर्ती केंद्र जाना पड़ता है।

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