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लड़भड़ोल महाविद्यालय में एचआईवी जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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राजकीय महाविद्यालय लड़भड़ोल में रेड रिबन क्लब के सौजन्य से 'एचआईवी एवं संबंधित मुद्दे: भ्रांतियों और गलतफहमियों का निवारण' विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला एवं अतिथि व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मुनीश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को इस संवेदनशील विषय के प्रति जागरूक करना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना था। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. मीनाक्षी ने विद्यार्थियों को एचआईवी से जुड़े विभिन्न पहलुओं, बचाव के तरीकों तथा सही जानकारी के महत्व के बारे में विस्तार से मार्गदर्शित किया। कार्यक्रम की संयोजिका एवं रेड रिबन क्लब की प्रभारी प्रो. अनीता ने मुख्य वक्ता सहित सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को धन्यवाद दिया।

हिमाचल मानसूनAlert: घर से सफर पर निकलने से पहले फोन में सेव कर लें ये 2 Toll-Free Number, मुसीबत में बचाएंगे आपकी जान।


हिमाचल:- 
मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने संयुक्त रूप से एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें 24 घंटे सक्रिय रहने वाले आपातकालीन हैल्पलाइन नंबर साझा किए गए हैं, ताकि किसी भी मुसीबत में फंसे लोगों तक तुरंत प्रशासनिक सहायता पहुंचाई जा सके।


मुसीबत में 1070 और 1077 पर करें कॉल

प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान अक्सर भूस्खलन, बादल फटने, बाढ़ आने और सड़कें बंद होने जैसी गंभीर स्थितियां बन जाती हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने दो प्रमुख टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं। इनमें राज्य स्तर के लिए आपदा हैल्पलाइन नंबर 1070 है, जो पूरे प्रदेश के लिए 24 घंटे सक्रिय रहेगा। वहीं, जिला स्तर पर मदद के लिए 1077 नंबर जारी किया गया है। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि सड़क बंद होने या भूस्खलन की स्थिति में नागरिक बिल्कुल भी जोखिम न लें और तुरंत इन नंबरों पर फोन कर प्रशासन को सूचित करें।


आपदा से बचाव के लिए बरतें ये 4 सावधानियां

आपदा के जोखिम को कम करने के लिए सरकार ने विशेष नियम जारी किए हैं। एडवाइजरी के अनुसार किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग के पूर्वानुमान और मार्ग की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। सुरक्षित सफर के लिए, यदि रास्ते में आपका वाहन खराब हो जाता है, तो उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर रोकें और दुर्घटना से बचने के लिए चेतावनी संकेतों का उपयोग करें। आपात स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति के उत्पन्न होने पर संबंधित जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करना महत्वपूर्ण है।


सरकार 24 घंटे अलर्ट मोड पर, आपकी सतर्कता ही बचाव है: नरेश चौहान

मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने बताया कि राज्य सरकार मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि प्राकृतिक आपदा के समय कोई भी नागरिक खुद को असहाय महसूस न करे। नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नरेश चौहान ने जनता से विशेष अपील करते हुए कहा कि यात्रा से पूर्व मौसम की जानकारी जरूर लें और संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें, क्योंकि सतर्कता, जागरूकता और समय पर लिया गया सही निर्णय ही आपदा से सुरक्षा की पहली तैयारी है।

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