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बेटियों को सशक्त बनाना ही विकसित समाज की नींव : सीडीपीओ बालम राम वर्मा

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  जोगिंदर नगर, 09 जुलाई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राहल में छात्राओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) बालम राम वर्मा ने की। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक राहुल ठाकुर ने छात्राओं को करियर काउंसिलिंग के महत्व, विभिन्न रोजगार एवं उच्च शिक्षा के अवसरों तथा अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रंजना ने व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाइजीन), संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) बालम राम वर्मा ने छात्राओं को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मदर टेरेसा योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना, महिला स्वयं रोजगार योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं के उद्देश्य एवं लाभों से अवगत कराया।...

पाँच दिनों से नल सूखे, लाँगणा में गहराया पेयजल संकट लाँगणा ,

लडभड़ोल/ लाँगणा , 29 अगस्त ( राजमल ) : पिछले पाँच दिनों से लाँगणा पंचायत के कई गांवों में पेयजल की भारी किल्लत है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। गाँव के नलों में पानी की एक बूँद तक नहीं आ रही, जिससे रोजमर्रा के काम ठप हो गए हैं। इस संकट का असर इतना गहरा है कि स्कूलों की टंकियां भी खाली पड़ी हैं, जिससे बच्चों और शिक्षकों को खासी दिक्कत हो रही है।

पेयजल विभाग के फीटर राजकुमार शर्मा ने बताया कि गाँव में पानी सप्लाई करने वाले पंप का ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पा रहा है, जिसकी वजह से मोटर चल नहीं पा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या को ठीक करने के लिए विभाग लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

हालाँकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। गर्मी के मौसम में अक्सर इस तरह की दिक्कतें आती हैं, लेकिन इस बार यह संकट बरसात के दिनों में भी है। गाँव के लोगों को पानी के लिए दूर-दराज के हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उन्हें बहुत परेशानी हो रही है।

गाँव वालों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या को सुलझाने की मांग की है, ताकि उन्हें पानी के लिए भटकना न पड़े और सामान्य जनजीवन फिर से पटरी पर लौट सके।

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