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लडभड़ोल सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से 'बीमार' हुई स्वास्थ्य सेवाएं,रात के समय राम भरोसे मरीज

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लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा)  तहसील क्षेत्र लडभड़ोल का एकमात्र सिविल अस्पताल इन दिनों खुद अपनी बदहाल व्यवस्था पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, जिसका सबसे बुरा असर रात्रि सेवाओ पर पड़ रहा है। क्षेत्र की 20 पंचायतों की करीब 25 हजार की आबादी के लिए बना यह अस्पताल सुविधाओं को अभाव में केवल एक 'रेफरल यूनिट' बनकर रह गया है। अस्पताल की लचर कार्यप्रणाली उस वक्त उजागर हुई जब शुक्रवार रात 10:30 बजे जिला कांगड़ा के डंडोल निवासी एवं चौबीन वार्ड से जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र राणा अपनी 75 वर्षीय बीमार माता शिवजु देवी को लेकर अस्पताल पहुंचे। उनकी माता को पेट में गंभीर शिकायत थी। लेकिन अस्पताल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था,वहां सिर्फ नर्सिंग स्टाफ तैनात थे। जब उन्होंने डॉक्टर के बारे में पूछा तो स्टाफ ने 'ऑन कॉल' होने की बात कही। जिप सदस्य सुरेंद्र राणा ने अस्पताल की व्यवस्था पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 3 डॉक्टर तैनात होने के बावजूद लोगों को रात्रि सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्हो...

राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल में 'हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत देश भक्ति गीत व कविता पाठ कार्यक्रमों का आयोजन



राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल में 'हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत देश भक्ति गीत व कविता पाठ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत की आजादी की प्राप्ति के 75 वर्ष पूर्ण होने पर वर्तमान पीढ़ी को आजादी के संघर्ष के प्रति जागरूक करना व संवेदनशील बनाना है। इसके तहत 16 विद्यार्थियों ने देशभक्ति गान तथा 6 विद्यार्थियों ने देशभक्ति पर आधारित कविता पाठ में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। ज्ञातव्य है कि महाविद्यालय में इस अभियान के अंतर्गत रोज सुबह 11:00 बजे राष्ट्रीय गान का आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी विद्यार्थी व स्टाफ सदस्य भाग लेते हैं। इस मौके पर विद्यार्थियों के समक्ष तिरंगे के निर्माण व इतिहास संबंधी एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई। इससे पूर्व हर घर तिरंगा अभियान के तहत नारा लेखन, भाषण व तिरंगा मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है। इस अवसर पर महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. मुनीष ठाकुर ने इस अभियान के तीसरे चरण के आयोजन पर कहा कि यह वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह देश की आजादी के संघर्ष और बलिदान के इतिहास को न सिर्फ याद करें बल्कि उससे प्रेरणा लेकर उन जीवन मूल्यों को अपने व्यवहार में शामिल करें। सच्चे देश प्रेम व समर्पण भाव से ही इस समाज और देश को और अधिक बेहतर व विकसित बनाया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस दिशा में शिक्षण संस्थानों के माध्यम से जनभागीदारी को ज्यादा बड़े स्तर पर सुनिश्चित किया जा सकता है। इस मौके पर डॉ. मुनीष ठाकुर ने आयोजकों सहित सभी प्रतिभागियों व विद्यार्थियों को सफल कार्यक्रम आयोजन के लिए बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की।






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