BREAKING NEWS:

बेटियों को सशक्त बनाना ही विकसित समाज की नींव : सीडीपीओ बालम राम वर्मा

Image
  जोगिंदर नगर, 09 जुलाई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राहल में छात्राओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) बालम राम वर्मा ने की। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक राहुल ठाकुर ने छात्राओं को करियर काउंसिलिंग के महत्व, विभिन्न रोजगार एवं उच्च शिक्षा के अवसरों तथा अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रंजना ने व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाइजीन), संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) बालम राम वर्मा ने छात्राओं को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मदर टेरेसा योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना, महिला स्वयं रोजगार योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं के उद्देश्य एवं लाभों से अवगत कराया।...

लडभड़ोल सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से 'बीमार' हुई स्वास्थ्य सेवाएं,रात के समय राम भरोसे मरीज


लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) तहसील क्षेत्र लडभड़ोल का एकमात्र सिविल अस्पताल इन दिनों खुद अपनी बदहाल व्यवस्था पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, जिसका सबसे बुरा असर रात्रि सेवाओ पर पड़ रहा है। क्षेत्र की 20 पंचायतों की करीब 25 हजार की आबादी के लिए बना यह अस्पताल सुविधाओं को अभाव में केवल एक 'रेफरल यूनिट' बनकर रह गया है। अस्पताल की लचर कार्यप्रणाली उस वक्त उजागर हुई जब शुक्रवार रात 10:30 बजे जिला कांगड़ा के डंडोल निवासी एवं चौबीन वार्ड से जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र राणा अपनी 75 वर्षीय बीमार माता शिवजु देवी को लेकर अस्पताल पहुंचे। उनकी माता को पेट में गंभीर शिकायत थी। लेकिन अस्पताल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था,वहां सिर्फ नर्सिंग स्टाफ तैनात थे। जब उन्होंने डॉक्टर के बारे में पूछा तो स्टाफ ने 'ऑन कॉल' होने की बात कही। जिप सदस्य सुरेंद्र राणा ने अस्पताल की व्यवस्था पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 3 डॉक्टर तैनात होने के बावजूद लोगों को रात्रि सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, "बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावे खोखले हैं। नागरिक अस्पताल का दर्जा प्राप्त और 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में डॉक्टर का न होना जनता के साथ भद्दा मजाक है। सीएमओ मंडी डॉ दीपाली शर्मा ने कहा कि सिविल अस्पताल लडभड़ोल में तीन डॉक्टर मौजूद हैं। रात्रि सेवाओं में डॉक्टर को लेकर संबंधित डॉक्टर से बात की जाएगी।


Comments