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लडभड़ोल (चलोटी) के अभिषेक ठाकुर को एनसीसी योगदान के लिए राज्यपाल सम्मान, क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा

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लडभड़ोल( मिन्टु शर्मा) 8 फ़रवरी 2026 (वीर खड़का ) लडभड़ोल के छात्र अभिषेक ठाकुर को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए माननीय राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह उपलब्धि न केवल अभिषेक ठाकुर बल्कि उनके परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। अभिषेक ठाकुर, श्री शिव कुमार एवं श्रीमती सरोज कुमारी के सुपुत्र हैं, जो लड भड़ोल के चलोटी गांव से संबंध रखते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भारती विद्या पीठ, बैजनाथ से प्राप्त की तथा बारहवीं कक्षा की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बैजनाथ से पूरी की। वर्तमान में वे पंडित संत राम डिग्री कॉलेज, बैजनाथ से बीसीए की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिषेक ठाकुर को प्राप्त यह सम्मान क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देता है कि समर्पण, मेहनत और अनुशासन से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। अभिषेक ठाकुर 5 एचपी बटालियन एनसीसी, धर्मशाला के कैडेट हैं, जो शिमला ग्रुप के अंतर्गत आत...

लडभड़ोल सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से 'बीमार' हुई स्वास्थ्य सेवाएं,रात के समय राम भरोसे मरीज


लडभड़ोल ( मिन्टु शर्मा) तहसील क्षेत्र लडभड़ोल का एकमात्र सिविल अस्पताल इन दिनों खुद अपनी बदहाल व्यवस्था पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, जिसका सबसे बुरा असर रात्रि सेवाओ पर पड़ रहा है। क्षेत्र की 20 पंचायतों की करीब 25 हजार की आबादी के लिए बना यह अस्पताल सुविधाओं को अभाव में केवल एक 'रेफरल यूनिट' बनकर रह गया है। अस्पताल की लचर कार्यप्रणाली उस वक्त उजागर हुई जब शुक्रवार रात 10:30 बजे जिला कांगड़ा के डंडोल निवासी एवं चौबीन वार्ड से जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र राणा अपनी 75 वर्षीय बीमार माता शिवजु देवी को लेकर अस्पताल पहुंचे। उनकी माता को पेट में गंभीर शिकायत थी। लेकिन अस्पताल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था,वहां सिर्फ नर्सिंग स्टाफ तैनात थे। जब उन्होंने डॉक्टर के बारे में पूछा तो स्टाफ ने 'ऑन कॉल' होने की बात कही। जिप सदस्य सुरेंद्र राणा ने अस्पताल की व्यवस्था पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 3 डॉक्टर तैनात होने के बावजूद लोगों को रात्रि सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, "बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावे खोखले हैं। नागरिक अस्पताल का दर्जा प्राप्त और 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में डॉक्टर का न होना जनता के साथ भद्दा मजाक है। सीएमओ मंडी डॉ दीपाली शर्मा ने कहा कि सिविल अस्पताल लडभड़ोल में तीन डॉक्टर मौजूद हैं। रात्रि सेवाओं में डॉक्टर को लेकर संबंधित डॉक्टर से बात की जाएगी।


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