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लडभड़ोल के प्राचीन दलेड मंदिर में विहिप की बैठक, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार

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लडभड़ोल के प्राचीन दलेड मंदिर में विहिप की बैठक, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार विश्व हिन्दू परिषद जिला जोगिंद्रनगर के द्वारा रविवार को लडभड़ोल क्षेत्र के प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर दलेड में भड़ोल प्रखंड की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता विहिप जोगिंद्रनगर के जिलाध्यक्ष करण कटोच ने की। बैठक की शुरुआत में मंदिर के महंत लाल गिरी महाराज का विशेष आशीर्वाद व मार्गदर्शन उपस्थित सदस्यों को प्राप्त हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष करण कटोच ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से वर्ष प्रतिपदा तक सभी प्रखंडों में 'राम महोत्सव' के कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा मातृ शक्ति और दुर्गा वाहिनी द्वारा सीता नवमी का पर्व मनाया जाएगा। वहीं, 2 अप्रैल को बजरंग दल के कार्यकर्ता हनुमान जयंती मनाएंगे। इसके साथ ही 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 'धर्म रक्षा' कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विहिप ने समस्त हिन्दू समाज से इन धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। बैठक के दौरान...

लड़ भड़ोल महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण परियोजना की शुरुआत


 लड़ भड़ोल महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण परियोजना की शुरुआत
राजकीय महाविद्यालय लड़ भड़ोल, जिला मंडी के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा इंटरनल क्वालिटी अश्योरेंस सैल (आई. क्यू. ए. सी.) के अंतर्गत प्रदेश की ग्रामीण आर्थिकी, पर्यावरण और भूमि विकास को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत की गई. इस परियोजना के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भूमि संसाधन का कुशलता से उपयोग नहीं हो पाता है. परियोजना के तहत अप्रयुक्त भूमि पर यदि तूनी, सागवान व अन्य इमारती लकड़ी के पौधे लगा दिए जाएं तो यह लगभग एक से डेढ़ दशक तक पर्यावरण के साथ-साथ ग्रामीण लोगों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो सकता है. इससे पूर्व अर्थशास्त्र विभाग व आई. क्यू. ए. सी. द्वारा उक्त पौधों की पौधशाला तैयार की गई. परियोजना के अगले चरण में 40 विद्यार्थियों को लगभग 150 पौधे वितरित किए गए. इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को इन पौधों का ध्यान रखते हुए कुछ महीनों के बाद जमीन में लगाया जाएगा. इसके तहत लगभग नगण्य निवेश की आवश्यकता होती है. साथ ही साथ बहुत कम समय व परिश्रम के साथ ग्रामीण लोग इन्हें विकसित कर सकते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार सामान्यता औसतन एक पेड़ वर्तमान मूल्य के अनुरूप लगभग 35 से 50 हजार तक की कमाई का स्रोत होता है, जो कि ग्रामीण लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है. इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक पक्ष के जुड़ने के कारण भविष्य की पीढ़ी का भूमि और पर्यावरण से लगाव में बढ़ौतरी देखने को मिलेगी. इस अवसर पर महाविद्यालय की  इंटरनल क्वालिटी अश्योरेंस सैल (आई. क्यू. ए. सी.) के संयोजक डॉ. अमित कौड़ा ने अर्थशास्त्र विभाग की इस पहल को धारणीयता विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने इस परियोजना को महत्वपूर्ण आर्थिक अवधाराणाओं की व्यवहारिक शिक्षा के रूप में उल्लेखित किया.  
महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य श्री संजीव कुमार ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को पौधे वितरित करते हुए बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां शिक्षा के व्यवहारिक पक्ष को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज को एक नई दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगी। इस मौके पर  उन्होंने सभी आयोजकों विशेषकर अर्थशास्त्र विभाग व आई. क्यू. ए. सी. तथा मौजूद सहयोगियों को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की।

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